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वेद पथ वैदिक ज्ञान का पथ

भगवद्गीता 2.34

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akīrtiṃ cāpi bhūtāni kathayiṣyanti te'vyayām | sambhāvitasya cākīrtirmaraṇādatiricyate ||2-34||

भगवद्गीता पाठ

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अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।

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