कोई कहे कान्हा कोई कहे श्याम
आकार
प्रदर्शन
कोई कहे कान्हा कोई कहे श्याम, कान्हा श्याम तेरे अनेकों हैं नाम ।
कोई कहे नटखट नन्द किशोर, कोई कहे गिरधर माखन चोर ।
मथुरा, बृंदा, गोकुल अनेकों हैं धाम ॥
मुरली बजाई गोपियन को रिझायो, कुंज गलियन में रास रचायो ।
माखन चुरायो गोकुल में सरेआम ॥
फोड़ मटकिया नीर बहायो, गोपियन को जल से नहलायो ।
चैतन दीन्हो बिखेर घनश्याम ॥
ग्वाल-बालन संग धेनु चरायो, कालिय दमन करके गोकुल को बचायो ।
गोकुल में कान्हा मच गयो कोहराम ॥
कोई कहे कान्हा कोई कहे श्याम, कान्हा श्याम तेरे अनेकों हैं नाम ।
कोई कहे नटखट नन्द किशोर, कोई कहे गिरधर माखन चोर ।
मथुरा, बृंदा, गोकुल अनेकों हैं धाम ॥
मुरली बजाई गोपियन को रिझायो, कुंज गलियन में रास रचायो ।
माखन चुरायो गोकुल में सरेआम ॥
फोड़ मटकिया नीर बहायो, गोपियन को जल से नहलायो ।
चैतन दीन्हो बिखेर घनश्याम ॥
ग्वाल-बालन संग धेनु चरायो, कालिय दमन करके गोकुल को बचायो ।
गोकुल में कान्हा मच गयो कोहराम ॥
अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।