छुप छुप आये श्याम ले के ग्वाल बाल
आकार
प्रदर्शन
छुप छुप आये श्याम ले के ग्वाल बाल है ।
ऐसो री यशोदा मैया तेरो नन्दलाला है ॥
ग्वालों को संग ले के घर में जो आये गये,
माखन को खाये, मेरी मटकी गिराये गये ।
अँगूठा दिखाये चले टेढ़ी मेढ़ी चाल रे ॥
देख री यशोदा, श्याम तेरो बड़ो रारी रे,
डगर चलत मोरी गगरी उतारी रे ।
और दिखाये मोहे आँखें लाल लाल रे ॥
मो से कहे, आज तू तो घूँघट उतार दे,
बार बार दौड़ के तू श्याम की बलाई ले ।
मारियो ना श्याम को, ग़रीबनी को लाल है ॥
छुप छुप आये श्याम ले के ग्वाल बाल है ।
ऐसो री यशोदा मैया तेरो नन्दलाला है ॥
ग्वालों को संग ले के घर में जो आये गये,
माखन को खाये, मेरी मटकी गिराये गये ।
अँगूठा दिखाये चले टेढ़ी मेढ़ी चाल रे ॥
देख री यशोदा, श्याम तेरो बड़ो रारी रे,
डगर चलत मोरी गगरी उतारी रे ।
और दिखाये मोहे आँखें लाल लाल रे ॥
मो से कहे, आज तू तो घूँघट उतार दे,
बार बार दौड़ के तू श्याम की बलाई ले ।
मारियो ना श्याम को, ग़रीबनी को लाल है ॥
अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।