आज का पंचांग
आपके चुने हुए स्थान के अनुसार तिथि, नक्षत्र और समय।
स्थान
समय आपके ही उपकरण पर, आपके चुने हुए स्थान के लिए गणना किए जाते हैं। स्थान खोज vedpath.org से होकर जाती है और कभी आपसे नहीं जोड़ी जाती।
गणना हो रही है…
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- तिथि
तिथि — चन्द्र दिवस — चन्द्रमा के चक्र के तीस भागों में से एक। तिथि सौर दिन से छोटी या बड़ी हो सकती है, इसलिए वह प्रायः दिन के बीच में ही आरम्भ और समाप्त होती है।
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- नक्षत्र
नक्षत्र — चन्द्रमा जिस तारामण्डल में स्थित है — उसके मासिक पथ पर अंकित सत्ताईस नक्षत्रों में से एक।
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- योग
योग — सूर्य और चन्द्रमा की स्थितियों के योग से बनने वाला काल। ये सत्ताईस हैं, प्रत्येक लगभग एक दिन का।
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- करण
करण — तिथि का आधा भाग। चन्द्र मास में ग्यारह करण आवृत्त होते हैं, अतः प्रत्येक तिथि में दो करण पड़ते हैं।
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- पक्ष
पक्ष — चन्द्र मास का पक्ष। शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तक बढ़ता हुआ पक्ष है; कृष्ण पक्ष अमावस्या तक घटता हुआ पक्ष।
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- हिन्दू मास
हिन्दू मास — चन्द्र मास, जिसका नाम उस नक्षत्र पर पड़ता है जिसके समीप पूर्णिमा होती है। चन्द्र और सौर वर्ष को मिलाने के लिए लगभग हर तीन वर्ष में अधिक मास जोड़ा जाता है।
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समय
- सूर्योदय
सूर्योदय — चुने हुए स्थान का स्थानीय सूर्योदय। अधिकांश पंचांग मान सूर्योदय पर पढ़े जाते हैं, इसीलिए एक ही तिथि नगर-नगर में भिन्न हो सकती है।
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- सूर्यास्त
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- चन्द्रोदय
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- चन्द्रास्त
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- राहु काल
राहु काल — प्रतिदिन लगभग डेढ़ घण्टे का काल, जो सूर्योदय, सूर्यास्त और वार से गिना जाता है। परम्परा में नया कार्य आरम्भ करते समय इसे टाला जाता है।
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त्योहार
कैलेंडर
और विवरण
- ऋतु
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- अयन
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- विक्रम संवत्
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- शक संवत्
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- समय क्षेत्र
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सभी मान चुने हुए स्थान के लिए खगोलीय गणना से निकाले गए हैं तथा पूर्णिमान्त पंचांग और सूर्योदयकालीन (उदया तिथि) परम्परा का अनुसरण करते हैं। कुछ पर्वों की तिथि क्षेत्रीय पंचांगों और सम्प्रदायों में भिन्न होती है — कृपया अपने कुल या मन्दिर की परम्परा का पालन करें।