भगवद्गीता 1.21
अर्जुन उवाच ।
सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत ॥१-२१॥
arjuna uvāca | senayorubhayormadhye rathaṃ sthāpaya me'cyuta ||1-21||
अर्जुन उवाच ।
सेनयोरुभयोर्मध्ये रथं स्थापय मेऽच्युत ॥१-२१॥
arjuna uvāca | senayorubhayormadhye rathaṃ sthāpaya me'cyuta ||1-21||
अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।