ऋणमोचक मङ्गल स्तोत्रम्
स्कन्दपुराण में भारवि द्वारा कथित बारह श्लोकों का यह स्तोत्र मङ्गल (अङ्गारक) को समर्पित है। उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर में मङ्गल दोष तथा ऋण-निवारण हेतु इसी का पाठ किया जाता है। मंगलवार को पाठ विशेष फलदायी माना जाता है।
स्रोत 1
- ऋणमोचकमङ्गलस्तोत्रम् (स्कान्दपुराणे भारविप्रोक्तम्) — 12 shlokas
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