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वेद पथ वैदिक ज्ञान का पथ

ॐ जय जगदीश हरे

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oṃ jaya jagadīśa hare, svāmī jaya jagadīśa hare| bhakta janoṃ ke saṃkaṭa, dāsa janoṃ ke saṃkaṭa, kṣaṇa meṃ dūra kare||

jo dhyāve phala pāve, dukha binase mana kā| sukha sampatti ghara āve, kaṣṭa miṭe tana kā||

māta-pitā tuma mere, śaraṇa gahūm̐ maiṃ kisakī| tuma bina aura na dūjā, āsa karūm̐ maiṃ jisakī||

tuma pūraṇa paramātmā, tuma aṃtaryāmī| pārabrahma parameśvara, tuma sabake svāmī||

tuma karuṇā ke sāgara, tuma pālanakartā| maiṃ mūrakha khala kāmī, kṛpā karo bhartā||

tuma ho eka agocara, sabake prāṇapati| kisa vidhi milūm̐ dayāmaya, tumako maiṃ kumati||

dīna-bandhu duḥkha-hartā, ṭhākura tuma mere| apane hātha uṭhāo, apane śaraṇa lagāo, dvāra paṛā tere||

viṣaya-vikāra miṭāo, pāpa haro devā| śraddhā bhakti baṛhāo, santana kī sevā||

śrī jagadīśa jī kī āratī, jo koī nara gāve| kahata śivānanda svāmī, sukha sampatti pāve||

oṃ jaya jagadīśa hare, svāmī jaya jagadīśa hare| bhakta janoṃ ke saṃkaṭa, dāsa janoṃ ke saṃkaṭa, kṣaṇa meṃ dūra kare||

इस पाठ के बारे में

परिचय

“ॐ जय जगदीश हरे” हिन्दू धर्म की सबसे लोकप्रिय आरती है। इसकी रचना पंडित श्रद्धाराम शर्मा ने 1870 में की थी। यह आरती भगवान विष्णु को समर्पित है और प्रत्येक सांध्य पूजा में गाई जाती है।

यह आरती भारत के लगभग हर हिन्दू घर में सायंकालीन पूजा के समय गाई जाती है। इसकी सरल भाषा और मधुर धुन इसे सभी आयु वर्ग के लोगों में लोकप्रिय बनाती है।

आरती का महत्व

  • सांध्य पूजा की प्रमुख आरती
  • भगवान विष्णु (जगदीश) को समर्पित
  • सभी संकटों से मुक्ति की प्रार्थना
  • भक्ति और समर्पण का भाव प्रकट करती है

आरती करने की विधि

  1. सांध्यकाल में पूजा स्थल पर दीपक जलाएँ
  2. धूप-अगरबत्ती लगाएँ
  3. आरती की थाली में दीपक, फूल, अक्षत रखें
  4. खड़े होकर या बैठकर आरती गाएँ
  5. आरती की थाली को देवमूर्ति के सामने गोलाकार घुमाएँ
  6. आरती के बाद प्रसाद वितरित करें

इस आरती के बारे में

मूल भाषा
हिन्दी
रचयिता
Pandit Shraddha Ram Phillauri · 1822–1881
सामान्यतः किस दिन
गुरुवारयह प्रचलित परंपरा है, कोई नियम नहीं।

यह पाठ सार्वजनिक डोमेन में है। लिप्यंतरण और अर्थ Ved Path के लिए तैयार किए गए हैं। संपादकीय टिप्पणी

स्रोत 1

  • Traditional aarti — Sung text in common household use

अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।

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