Skip to content
वेद पथ वैदिक ज्ञान का पथ

श्रीदशमहाविद्याकवचम्

साझा करें
आकार
प्रदर्शन

विनियोग 1

न्यास 1

मानसपूजन 1

कवच 14

फलश्रुति 1

समापन 1

परिचय

यह तन्त्रोक्त श्रीदशमहाविद्याकवच दस महाविद्याओं — काली, तारा, त्रिपुरसुन्दरी (षोडशी), भुवनेश्वरी, भैरवी, छिन्नमस्ता, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी एवं कमला — की सम्मिलित शक्ति का रक्षाकवच है। इसमें प्रत्येक महाविद्या को अलग-अलग दिशा में तथा दुर्गा, कालिका आदि रूपों को शिर से लेकर पैर की अंगुलियों तक शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा हेतु आवाहित किया गया है। पाठ से पूर्व विनियोग, ऋष्यादि न्यास एवं पञ्चतत्त्व-बीजों से मानसपूजन भी दिया गया है।

यहाँ संस्कृत मूल पाठ प्रामाणिक स्रोत से अक्षरशः दिया गया है; अर्थ व्याख्यात्मक है। बीजमन्त्रों (लं हं यं रं वं सं आदि) का शब्दशः अनुवाद सम्भव नहीं। धार्मिक-विद्वत् समीक्षा अपेक्षित।

स्रोत 2

अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।

संबंधित सामग्री 1

और देखें 15