श्रीराधाकवचम्
प्रस्तावना 2
माहात्म्य 5
विनियोग 1
कवच 12
फलश्रुति 9
समापन 1
परिचय
श्रीराधाकवचम् भगवती श्रीराधा की आराधना का रक्षा-कवच है, जो श्रीनारदपञ्चरात्र के ज्ञानामृतसार में भगवान् शिव द्वारा पार्वती को कहा गया माना जाता है। इसमें साधक श्रीराधा के विविध नामों — श्रीमती, राधिका, हरिप्रिया, चन्द्रावली, वृषभानुसुता आदि — का स्मरण कर शिर से चरण तक प्रत्येक अंग, दिशाओं तथा दिन के प्रहरों में अपनी रक्षा का वरण करता है, और अन्त में इसके पाठ-धारण का पुण्यफल कहा गया है।
संस्कृत मूल पाठ प्रामाणिक स्रोत से अक्षरशः प्रस्तुत है; अर्थ व्याख्यात्मक हैं। शुद्ध उच्चारण एवं विधि हेतु योग्य आचार्य का मार्गदर्शन श्रेयस्कर है।
स्रोत 2
- Sanskrit Documents — राधाकवचम् — Radhakavacham (Narada Pancharatra), proofread ITRANS
संस्कृत मूल पाठ प्रामाणिक स्रोत से अक्षरशः; अर्थ व्याख्यात्मक। धार्मिक समीक्षा अपेक्षित।
- Hindupedia — Radha Kavacham — English verse-by-verse meaning (body-part/direction/time protection + phalashruti)
अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।