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वेद पथ वैदिक ज्ञान का पथ

श्रीकमलाकवचम्

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प्रदर्शन

मङ्गलाचरण 1

विनियोग 1

कवच 13

समापन 1

परिचय

विश्वसारतन्त्र में वर्णित यह तन्त्रोक्त श्रीकमलाकवच देवी कमला — कमलात्मिका लक्ष्मी — की उपासना का अंगरक्षक कवच है। इसमें ऐं, ह्रीं आदि बीजों तथा वाग्भवा, शाङ्करी, पार्वती, कामेशी, रमा, विजया, जया, भैरवी, कालिका, नवदुर्गा, कामाख्या, योगिनियों एवं मातृकाओं को मस्तक से लेकर चरण तक शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा हेतु आवाहित किया गया है, जिसका फल सुकवित्व, पाण्डित्य एवं समृद्धि कहा गया है।

यहाँ संस्कृत मूल पाठ प्रामाणिक स्रोत से अक्षरशः दिया गया है; अर्थ व्याख्यात्मक है। बीजमन्त्रों का शब्दशः अनुवाद सम्भव नहीं। धार्मिक-विद्वत् समीक्षा अपेक्षित।

स्रोत 2

  • Sanskrit Documents — श्रीकमलाकवचम् — shriikamalaakavach, proofread by Ravin Bhalekar

    संस्कृत मूल पाठ इसी प्रामाणिक स्रोत से अक्षरशः; बीजमन्त्रों का शब्दशः अनुवाद सम्भव नहीं, अर्थ व्याख्यात्मक। धार्मिक समीक्षा अपेक्षित।

  • Raja Thatha's Stotras — Kamala Kavacham (English) — verse-by-verse body-part protection mapping and explanatory meaning

अर्थ वेद पथ संपादकीय टीम द्वारा संकलित एवं संपादित हैं, और सामग्री की क्रमशः समीक्षा की जा रही है।